पीएम विश्वकर्मा योजना: पात्र कारीगर, टूलकिट, प्रशिक्षण और ऋण के नियम

आधिकारिक स्रोत जाँचे: 28 अक्टूबर 2026 · हिंदी मार्गदर्शिका

पीएम विश्वकर्मा योजना हाथ और औजारों से काम करने वाले निर्धारित पारंपरिक कारीगरों को पहचान, प्रशिक्षण, औजार, ऋण और बाजार संबंधी सहायता देती है। इसे सभी बेरोजगारों को ₹3 लाख मुफ्त देने की योजना समझना गलत है। टूलकिट प्रोत्साहन और उद्यम विकास ऋण अलग लाभ हैं; ऋण वापस करना होता है।

कपड़े की सिलाई करते दर्जी के हाथों का नजदीकी दृश्य
सिलाई कौशल का संदर्भ चित्र, गिनी में लिया गया फाइल फोटो; किसी भारतीय योजना लाभार्थी का चित्र नहीं। चित्र: Kalilyoula / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0। आकार बदला और WebP में संपीड़ित।

एक नजर में

लक्षित समूह18 अधिसूचित पारंपरिक व्यवसायों के पात्र स्व-नियोजित कारीगर
न्यूनतम आयुपंजीकरण के दिन 18 वर्ष
टूलकिट प्रोत्साहन₹15,000 तक, निर्धारित ई-वाउचर व्यवस्था
ऋणदो चरणों में ₹1 लाख और ₹2 लाख तक; पात्रता के अधीन
लाभार्थी ब्याज दरयोजना के अनुसार रियायती 5%; बैंक की लागू शर्तें देखें

पात्रता और किन शर्तों पर ध्यान दें

आवेदक असंगठित क्षेत्र में स्व-रोजगार के आधार पर हाथ और औजार से संबंधित पारंपरिक काम कर रहा हो और पंजीकरण के दिन उस व्यवसाय में सक्रिय हो। परिवार में केवल एक सदस्य को पंजीकरण और लाभ मिलता है। सरकारी सेवा में व्यक्ति और उसका परिवार पात्र नहीं है। पिछले पाँच वर्षों की समान स्वरोजगार/व्यवसाय ऋण योजनाओं संबंधी नियम भी लागू हैं; पुराने ऋण की अदायगी के अपवाद आधिकारिक दिशानिर्देश से जाँचें।

लाभ और अपात्रता को सही समझें

अधिसूचित व्यवसायों में बढ़ई, नाव निर्माता, अस्त्रकार, धातु शिल्पी, हथौड़ा/औजार निर्माता, ताला बनाने वाला, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार/पत्थर कार्य, मोची/जूता कारीगर, राजमिस्त्री, टोकरी/चटाई/झाड़ू/कॉयर कार्य, पारंपरिक खिलौना निर्माता, नाई, माला निर्माता, धोबी, दर्जी और मछली जाल निर्माता शामिल हैं। केवल अपना काम किसी मिलते-जुलते नाम से लिख देने पर पात्रता नहीं बनती; वास्तविक व्यवसाय की जाँच होती है।

जरूरी दस्तावेज और तैयारी

  • आधार और संबंधित मोबाइल नंबर
  • बैंक खाते का विवरण
  • राशन कार्ड अथवा परिवार के माँगे गए विवरण
  • वास्तविक पारंपरिक व्यवसाय की जानकारी और सत्यापन में माँगे अन्य प्रमाण

मूल दस्तावेज से नाम, तारीख और खाता विवरण मिलाएँ। अंतिम दस्तावेज सूची संबंधित आधिकारिक पोर्टल/कार्यालय से लें।

आवेदन कैसे करें

  1. आधिकारिक पीएम विश्वकर्मा पोर्टल पर व्यवसाय सूची और पात्रता पढ़ें।
  2. निकट के अधिकृत सीएससी से पंजीकरण प्रक्रिया समझें और आधार आधारित प्रमाणीकरण स्वयं पूरा करें।
  3. व्यवसाय, परिवार और बैंक विवरण सही भरवाएँ; आवेदन संख्या की प्रति लें।
  4. स्थानीय निकाय, जिला और संबंधित समिति के सत्यापन चरण पूरे होने दें।
  5. स्वीकृति के बाद प्रशिक्षण और पहचान संबंधी निर्देशों का पालन करें।
  6. प्रशिक्षण व अन्य शर्तें पूरी होने पर ऋण के लिए निर्धारित बैंक प्रक्रिया अपनाएँ; स्वीकृति स्वतः नहीं होती।

आधिकारिक सरकारी पोर्टल खोलें ↗

यह बाहरी सरकारी वेबसाइट है। नागरिक दृष्टि पर आवेदन या दस्तावेज जमा नहीं होते।

आवेदन या लाभ की स्थिति और समस्या का समाधान

पंजीकरण और सत्यापन की स्थिति आधिकारिक पोर्टल/सीएससी से पूछें। प्रशिक्षण, टूलकिट और ऋण की स्थिति अलग-अलग नोट करें। दूसरी ऋण किस्त पहली के तुरंत बाद मिलने वाला स्वतः भुगतान नहीं है; पहले खाते के संतोषजनक संचालन, डिजिटल लेनदेन/उन्नत प्रशिक्षण और संबंधित नियम लागू होते हैं। बैंक का ऋण पत्र पढ़कर ही भुगतान दायित्व स्वीकार करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या ₹3 लाख अनुदान है?

नहीं। यह पात्रता के अधीन दो चरणों का उद्यम विकास ऋण है, जिसे शर्तों के अनुसार लौटाना होता है।

क्या परिवार के दो दर्जी अलग लाभ ले सकते हैं?

योजना में परिवार के एक सदस्य की सीमा है; परिवार की परिभाषा आधिकारिक नियम से देखें।

क्या सीएससी पर आवेदन हो जाने से बैंक ऋण मंजूर है?

नहीं। पंजीकरण, सत्यापन, प्रशिक्षण और बैंक स्वीकृति अलग चरण हैं।

आधिकारिक स्रोत

नीचे दिए मंत्रालय/सरकारी पोर्टल और दस्तावेज इस मार्गदर्शिका के आधार हैं। किसी पुराने दस्तावेज और नए नियम में अंतर हो तो संबंधित विभाग की नवीनतम लागू सूचना से पुष्टि करें।

संपादकीय सूचना: नागरिक दृष्टि स्वतंत्र सूचना प्रकाशन है, सरकारी विभाग नहीं। अंतिम पात्रता और स्वीकृति संबंधित प्राधिकारी तय करता है। इस पृष्ठ की जानकारी जाँच की तारीख तक के स्रोतों पर आधारित है।

बदलाव का रिकॉर्ड: 28 अक्टूबर 2026 — पहली मार्गदर्शिका प्रकाशित। सुधार बताने के लिए लेख का लिंक और आधिकारिक प्रमाण [email protected] पर भेजें; संवेदनशील दस्तावेज न भेजें। सुधार नीति पढ़ें।