पीएम आवास योजना ग्रामीण: पात्रता, सहायता राशि और सूची जाँचने का तरीका

आधिकारिक स्रोत जाँचे: 28 अक्टूबर 2026 · हिंदी मार्गदर्शिका

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण यानी पीएमएवाई-जी ग्रामीण क्षेत्र के पात्र परिवारों को पक्का घर बनाने में सहायता देती है। इसे शहरों की पीएमएवाई-यू 2.0 योजना से अलग समझना जरूरी है। ग्रामीण योजना में चयन आवास की स्थिति, सरकारी सूची, सर्वे और स्थानीय सत्यापन से जुड़ा है; इंटरनेट पर कोई भी फॉर्म भरने से मकान स्वीकृत नहीं हो जाता।

भारत के एक गाँव में बना घर और उसके आसपास पेड़
ग्रामीण आवास का संदर्भ चित्र; यह पीएमएवाई-जी से स्वीकृत मकान होने का प्रमाण नहीं है। चित्र: Anuraga arasi / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0। आकार बदला और WebP में संपीड़ित।

एक नजर में

किसके लिएग्रामीण क्षेत्र के पात्र आवासहीन या निर्धारित आवास अभाव वाले परिवार
सामान्य इकाई सहायतामैदानी क्षेत्रों में ₹1.20 लाख
निर्धारित विशेष क्षेत्रउत्तर-पूर्व और निर्दिष्ट पहाड़ी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में ₹1.30 लाख
चयनआधिकारिक सूची/सर्वे और सत्यापन; स्वचालित स्वीकृति नहीं

पात्रता और किन शर्तों पर ध्यान दें

ग्रामीण निवास और आवास अभाव मुख्य आधार हैं। परिवार का नाम संबंधित सूची या सर्वे में होना, आवास की वास्तविक स्थिति का मिलान और लागू अपवर्जन जाँचना पड़ता है। योजना के नए चरण में कुछ अपवर्जन नियम बदले गए हैं; पुरानी वेबसाइट पर दिखी आय, वाहन या भूमि की शर्त को बिना वर्तमान निर्देश पढ़े लागू न मानें। ग्राम पंचायत और खंड विकास कार्यालय से अपने परिवार की प्रविष्टि तथा आपत्ति प्रक्रिया के बारे में पूछें।

लाभ और अपात्रता को सही समझें

पक्का घर या निर्धारित आर्थिक/संपत्ति अपवर्जन होने पर परिवार बाहर हो सकता है। नए चरण में आय से संबंधित अपवर्जन सीमा ₹15,000 प्रतिमाह की गई है और भूमि संबंधी मानदंड में बदलाव हुए हैं। इस एक सीमा से अकेले पात्रता तय नहीं होती। पहले से सरकारी आवास लाभ, परिवार का विवरण और स्थानीय जाँच भी महत्त्वपूर्ण हैं। शहर के निवासी ग्रामीण योजना के बजाय अपने नगर निकाय से शहरी योजना की जानकारी लें।

जरूरी दस्तावेज और तैयारी

  • आधार और पहचान/परिवार के संबंधित दस्तावेज
  • बैंक खाते का विवरण और चालू मोबाइल नंबर
  • आवास तथा भूमि से संबंधित उपलब्ध अभिलेख
  • सर्वे, पंजीकरण या लाभार्थी संख्या और कार्यालय से माँगे गए दस्तावेज

मूल दस्तावेज से नाम, तारीख और खाता विवरण मिलाएँ। अंतिम दस्तावेज सूची संबंधित आधिकारिक पोर्टल/कार्यालय से लें।

आवेदन कैसे करें

  1. अपनी ग्राम पंचायत में पूछें कि आपका परिवार किस सूची/सर्वे में दर्ज है और वर्तमान प्रक्रिया क्या है।
  2. सर्वे चल रहा हो तो केवल आधिकारिक ऐप या अधिकृत सर्वेक्षक की प्रक्रिया अपनाएँ; दस्तावेजों का सही मिलान कराएँ।
  3. प्रस्तावित सूची में नाम और परिवार/आवास विवरण जाँचें। त्रुटि या छूटे नाम पर निर्धारित कार्यालय में पावती लेकर अनुरोध दें।
  4. स्वीकृति मिलने पर लाभार्थी संख्या, सहायता की शर्तें और निर्माण के चरण समझें।
  5. निर्माण की प्रगति तथा निर्धारित सत्यापन के आधार पर किस्त प्रक्रिया आगे बढ़ती है; पूरा अनुदान एक साथ मिलने का अनुमान न लगाएँ।

आधिकारिक सरकारी पोर्टल खोलें ↗

यह बाहरी सरकारी वेबसाइट है। नागरिक दृष्टि पर आवेदन या दस्तावेज जमा नहीं होते।

आवेदन या लाभ की स्थिति और समस्या का समाधान

पीएमएवाई-जी के आधिकारिक पोर्टल और संबंधित सरकारी रिपोर्टों में उपलब्ध लाभार्थी/आवास जानकारी देखें। खोज के लिए आवश्यक संख्या ग्राम पंचायत से प्राप्त करें। सूची में नाम, मकान की स्वीकृति और बैंक में किस्त पहुँचना तीन अलग स्थितियाँ हैं। किस्त न मिले तो स्वीकृति पत्र, निर्माण स्थिति और खाते का मिलान कराकर खंड कार्यालय में लिखित शिकायत दें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या ग्रामीण और शहरी आवास योजना एक ही हैं?

नहीं। क्षेत्र, पात्रता और सहायता की प्रक्रिया अलग है। अपने निवास के अनुसार सही योजना चुनें।

सर्वे में नाम दर्ज हो गया तो मकान मिलना तय है?

नहीं। सर्वे प्रविष्टि के बाद पात्रता, सूची और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति जरूरी है।

क्या अंतिम तिथि हर राज्य में समान है?

स्थानीय सर्वे और प्रशासनिक कार्यक्रम अलग हो सकते हैं। ग्राम पंचायत से वर्तमान समयसीमा की पुष्टि करें।

आधिकारिक स्रोत

नीचे दिए मंत्रालय/सरकारी पोर्टल और दस्तावेज इस मार्गदर्शिका के आधार हैं। किसी पुराने दस्तावेज और नए नियम में अंतर हो तो संबंधित विभाग की नवीनतम लागू सूचना से पुष्टि करें।

संपादकीय सूचना: नागरिक दृष्टि स्वतंत्र सूचना प्रकाशन है, सरकारी विभाग नहीं। अंतिम पात्रता और स्वीकृति संबंधित प्राधिकारी तय करता है। इस पृष्ठ की जानकारी जाँच की तारीख तक के स्रोतों पर आधारित है।

बदलाव का रिकॉर्ड: 28 अक्टूबर 2026 — पहली मार्गदर्शिका प्रकाशित। सुधार बताने के लिए लेख का लिंक और आधिकारिक प्रमाण [email protected] पर भेजें; संवेदनशील दस्तावेज न भेजें। सुधार नीति पढ़ें।