पीएम सूर्य घर योजना: सोलर सब्सिडी, पात्रता और आवेदन के चरण

आधिकारिक स्रोत जाँचे: 28 अक्टूबर 2026 · हिंदी मार्गदर्शिका

पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना आवासीय घरों पर रूफटॉप सोलर लगाने में सहायता देती है। इसका उद्देश्य घर की छत से बिजली पैदा करना है। केवल फॉर्म भरने से 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिलने या हर घर का बिल शून्य होने का वादा नहीं किया जा सकता। उत्पादन, खपत, सिस्टम का आकार और राज्य की बिजली व्यवस्था से वास्तविक बचत तय होती है।

गुजरात के मेहसाणा में घरों की छतों पर लगे सोलर पैनल
मेहसाणा, गुजरात में घरेलू छतों पर सोलर पैनल; संदर्भ चित्र, किसी विशेष सब्सिडी स्वीकृति का प्रमाण नहीं। चित्र: Nizil Shah / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0। आकार बदला और WebP में संपीड़ित।

एक नजर में

1 किलोवाट प्रणालीसामान्य केंद्रीय सहायता ₹30,000
2 किलोवाट प्रणालीसामान्य केंद्रीय सहायता ₹60,000
3 किलोवाट या अधिकसामान्य घरेलू केंद्रीय सहायता अधिकतम ₹78,000
प्रकृतिपात्र स्थापना पर सब्सिडी; पूरा सिस्टम अनिवार्यतः मुफ्त नहीं
आधिकारिक पोर्टलpmsuryaghar.gov.in

पात्रता और किन शर्तों पर ध्यान दें

आवासीय उपभोक्ता के पास वैध बिजली कनेक्शन और सोलर लगाने योग्य उपयुक्त छत/अधिकार होना चाहिए। पहले मिली सोलर सब्सिडी और वर्तमान राष्ट्रीय पोर्टल की शर्तें पात्रता को प्रभावित कर सकती हैं। औद्योगिक, वाणिज्यिक या सामूहिक आवास की व्यवस्था को व्यक्तिगत घरेलू उपभोक्ता के साथ न मिलाएँ। राज्य की अतिरिक्त सहायता और विशेष श्रेणी के लागू नियम अलग हो सकते हैं।

लाभ और अपात्रता को सही समझें

तालिका में सामान्य घरेलू केंद्रीय सहायता दी गई है, पूरे प्रोजेक्ट की कीमत नहीं। अंतिम सब्सिडी प्रणाली, श्रेणी और पोर्टल की स्वीकृति पर निर्भर है। उदाहरण के लिए विक्रेता की कीमत में पैनल, इन्वर्टर, संरचना, मीटर तथा रखरखाव शामिल होने या न होने से खर्च बदलता है। कर्ज लेते समय बैंक की मौजूदा ब्याज दर और कुल भुगतान लिखित में लें; किसी पुराने प्रचार की ब्याज दर को स्थायी न मानें।

जरूरी दस्तावेज और तैयारी

  • बिजली बिल और उपभोक्ता/कनेक्शन संख्या
  • मोबाइल, पहचान और पते के आवश्यक विवरण
  • पोर्टल पर सब्सिडी के लिए माँगा बैंक खाता प्रमाण
  • स्थापना के बाद तकनीकी, निरीक्षण और मीटर संबंधी अभिलेख
  • यदि ऋण लें तो बैंक द्वारा माँगे अलग आय/पहचान दस्तावेज

मूल दस्तावेज से नाम, तारीख और खाता विवरण मिलाएँ। अंतिम दस्तावेज सूची संबंधित आधिकारिक पोर्टल/कार्यालय से लें।

आवेदन कैसे करें

  1. राष्ट्रीय पोर्टल पर राज्य, डिस्कॉम और बिजली उपभोक्ता संख्या से पंजीकरण करें।
  2. रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन करें और अपने मामले में लागू तकनीकी/डिस्कॉम प्रक्रिया पूरी करें।
  3. पोर्टल पर उपलब्ध पंजीकृत विक्रेताओं की जानकारी देखें और क्षमता, कीमत, वारंटी तथा सेवा की तुलना करें।
  4. वर्तमान निर्देशों के अनुसार पात्र उपकरणों की स्थापना कराएँ और विवरण पोर्टल पर जमा करें।
  5. नेट मीटर/निरीक्षण/कमीशनिंग के आवश्यक चरण पूरे कराएँ।
  6. स्वीकृत प्रक्रिया के बाद बैंक विवरण और आवश्यक प्रमाण से सब्सिडी दावा करें; पावती सुरक्षित रखें।

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यह बाहरी सरकारी वेबसाइट है। नागरिक दृष्टि पर आवेदन या दस्तावेज जमा नहीं होते।

आवेदन या लाभ की स्थिति और समस्या का समाधान

आवेदन की स्थिति राष्ट्रीय पोर्टल पर देखें। विक्रेता का काम पूरा होना, डिस्कॉम निरीक्षण और सब्सिडी जारी होना अलग चरण हैं। लंबित स्थिति में पहले पता करें कि अगला काम उपभोक्ता, विक्रेता या डिस्कॉम में किसके पास है। बिल बचत का आकलन पिछले बिल और वास्तविक उत्पादन से करें; केवल पैनल की नाममात्र क्षमता देखकर आय या शून्य बिल निश्चित न मानें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सरकार पूरा सोलर सिस्टम मुफ्त लगाती है?

सामान्य घरेलू व्यवस्था में पात्र लागत पर सब्सिडी है; अपनी शेष लागत और ऋण दायित्व समझना जरूरी है।

क्या 3 किलोवाट से बड़ा सिस्टम लगाने पर केंद्रीय सब्सिडी लगातार बढ़ेगी?

सामान्य व्यक्तिगत घरेलू सहायता 3 किलोवाट पर ₹78,000 तक सीमित है; लागू वर्तमान श्रेणी नियम जाँचें।

क्या 300 यूनिट बिना पैनल लगाए मिलेंगी?

योजना रूफटॉप सोलर से जुड़ी है। इसे बिना स्थापना हर उपभोक्ता की मुफ्त यूनिट योजना न मानें।

आधिकारिक स्रोत

नीचे दिए मंत्रालय/सरकारी पोर्टल और दस्तावेज इस मार्गदर्शिका के आधार हैं। किसी पुराने दस्तावेज और नए नियम में अंतर हो तो संबंधित विभाग की नवीनतम लागू सूचना से पुष्टि करें।

संपादकीय सूचना: नागरिक दृष्टि स्वतंत्र सूचना प्रकाशन है, सरकारी विभाग नहीं। अंतिम पात्रता और स्वीकृति संबंधित प्राधिकारी तय करता है। इस पृष्ठ की जानकारी जाँच की तारीख तक के स्रोतों पर आधारित है।

बदलाव का रिकॉर्ड: 28 अक्टूबर 2026 — पहली मार्गदर्शिका प्रकाशित। सुधार बताने के लिए लेख का लिंक और आधिकारिक प्रमाण [email protected] पर भेजें; संवेदनशील दस्तावेज न भेजें। सुधार नीति पढ़ें।